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फैटी लीवर की इलेक्ट्रो होम्योपैथी चिकित्सा Fatty Liver Electro treatment in Homeopathy

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फैटी लीवर का इलाज इलेक्ट्रो होम्योपैथी से कैसे करें

आज की इस पोस्ट के माध्यम से फैटी लीवर के बारे में चर्चा की जाएगी शरीर में स्थित लीवर जो कि शरीर को स्वस्थ रखने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और कई प्रकार से कार्य करता है। भोजन की प्रोसेसिंग का प्रमुख कार्य करता है। भोजन से प्राप्त पोषक तत्वों को ऊर्जा में बदलता है, प्रोटीन का निर्माण करता है। 

शरीर को किसी भी प्रकार के रोग के लिए जिम्मेदार बैक्टीरिया या विषाक्त पदार्थ का ब्लड से फिल्टर करके रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मदद करता है कभी-कभी लापरवाही में लीवर का नुकसान होने लगता है वैसे तो एक समय के बाद लीवर का फैटी होना सामान्य है लेकिन फिर भी जीवनशैली में बदलाव लाकर फैटी लीवर होने से रोका जा सकता है।

electro homeopathic treatment in fatty liver
  फैटी लीवर में इलेक्ट्रो होम्योपैथी मेडिसिन

फैटी लीवर उस स्थिति को कहा जाता है जब लीवर के आकार में वृद्धि हो जाती है सामान्य से 5% लिवर में वृद्धि के बाद की स्थिति फैटी लीवर कही जा सकती है ऐसा लीवर में अतिरिक्त फैट (वसा) के जमा होने के कारण होता है। फैटी लीवर होने पर इसके प्रभाव के प्रति गंभीर होने की आवश्यकता है। क्योकि यह कई अन्य बीमारियों का भी संकेत हो सकता है जैसे, दिल का दौरा, स्ट्रोक, डायबिटीज, लंबे समय तक लीवर का फैट होने के बाद यह सिरोसिस का भी रूप ले सकता है।जो कि एक गंभीर समस्या है। 
फैटी लीवर के जोखिम से बचने के लिए संतुलित आहार का सेवन करना चाहिए चीनी व वसा युक्त खाद्य पदार्थ का उपयोग बंद करने से फैटी लीवर में धीरे-धीरे सुधार आने लगता है।

फैटी लीवर अवस्थानुसार अल्ट्रासाउंड के बाद डॉक्टर इसे अलग-अलग तीन भाग में वर्गीकृत करते है। ग्रेड 1, 2 और 3

ग्रेड 1 फैटी लीवर की प्रथम अवस्था है जिसमें लीवर के बाहरी ओर फैट जमा हो जाता है जिससे लीवर को कार्य करने में समस्या तो नहीं होती लेकिन जब यह स्थिति दूसरे ग्रेड में आ जाती है तो समस्या गंभीर हो जाती है जिसमें इसका उपचार करवाना जरूरी होता है वरना यह समस्या और अधिक बढ़कर थर्ड ग्रेड में आ जाती है अब समस्या अति गंभीर हो जाती है और कई लक्षण उभरने लगते हैं।

फैटी लीवर के लक्षण Symptoms of Fatty Liver Hindi me

फैटी लीवर की समस्या में लक्षण शुरुआत में नहीं दिखाई देते जब समस्या सेकंड ग्रेड में आ जाती है तो धीरे-धीरे लक्षण उभरने लगते हैं इसमें प्रमुख लक्षण तो यही है कि इसमें लीवर का आकार बढ़ जाता है अन्य लक्षणों में 

भूख का कम लगना 

पेट दर्द 

पेट पर ऊपरी भाग में सूजन 

थकान 

जी मिचलाना 

मानसिक समस्या 

वजन कम होना 

फैटी लीवर के कारण Causes of Fatty liver Hindi me

फैटी लीवर की समस्या का उपचार हम तभी समय से कर पाएंगे जब हम इस समय के बारे में जानकारी होगी लक्षणों के बारे में ऊपर बताया जा चुका है किन कारणों से होता है अब इसको समझ लेते है। 
अधिक शराब का सेवन 

वसायुक्त भोजन, फ़ास्ट फ़ूड, स्नैक और मसालेदार भोजन का सेवन

क्लोरीन की अधिक मात्रा वाला पानी पीना

खून में वसा की मात्रा की अधिकता

मोटापा 

मधुमेह या डायबिटीज 

वायरल हेपेटाइटिस

अनुवांशिकता 

वजन घटाने के कारण 

कई दवाओं के साइड इफेक्ट का के कारण 

फैटी लीवर की इलेक्ट्रो होम्योपैथी चिकित्सा Electro homeopathy treatment of Fatty liver


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