How to Prepare Electro Homeopathy Dilution इलेक्ट्रो होम्योपैथी के डायलूसन कैसे बनाएं

How to Prepare Electro Homeopathy  Dilution इलेक्ट्रो होम्योपैथी के डायलूसन कैसे बनाएं

लेक्ट्रो होम्योपैथी एक ऐसा चिकित्सा विज्ञान जो पूरी तरह वनस्पति जगत से तैयार औषधियों पर आधारित है इस चिकित्सा पद्धति का निर्माण इटली देश में हुआ जिसका श्रेय काउंट सीजर मैटी को जाता है। काउंट सीजर मैटी के बारे में पिछले एक पोस्ट के माध्यम से बताया जा चुका है।

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काउंट सीजर मैटी के बारे में जानने के लिए आप उस पोस्ट को पढ़ सकते हैं वैसे तो पूरी दुनिया में अब तक बहुत सी चिकित्सा पद्धतियों का प्रचार-प्रसार हो रहा है उनमें से ही एक चिकित्सा पद्धति इलेक्ट्रो होम्योपैथी है। 

आवश्यकता आविष्कार की जननी होती मैटी जी ने उसी आवश्यकता को पूर्ण करने की ललक में उन्होंने चिकित्सा जगत में इस पैथी को जन्म दिया और जिसे इटली देश में ही सीमित ना रखकर Eelctrohomeopathy Medicine का पूरी दुनिया में प्रचार प्रसार किया गया। 

लेकिन इलेक्ट्रो होम्योपैथी का दुर्भाग्य कुछ ऐसा रहा कि कई देशों से या पैथी अपने अस्तित्व को धूमिल कर चुकी है वहीं कई देशों में अभी भी इसका उपयोग किया जा रहा है। भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, जर्मनी कुछ ऐसे देश हैं जिनमें इलेक्ट्रो होम्योपैथी ने अपनी रफ्तार को बरकरार रखते हुए लगातार रोगियों को लाभ दे रही है और नए नए चिकित्सक तैयार हो रहे हैं जो पैथी के विकास के लिए मील का पत्थर साबित होंगे और एक बार पुनः इलेक्ट्रो होम्योपैथी की चमक पूरी दुनिया में बिखेरेंगे।

Nature
How to Prepare Dilution


आज की इस पोस्ट के माध्यम से इलेक्ट्रो होम्योपैथी मेडिसिन Electro Homeopathy Medicine बनाने के तरीके मतलब की जब एक इलेक्ट्रो होम्योपैथ जब इलेक्ट्रो होम्योपैथिक स्पेजिरिक Electro Homeopathy Spagyric अथवा इलेक्ट्रो होम्योपैथी मेडिसिन किट Kit of Electro Homeopathy Medicine को जब मैन्युफैक्चरर कंपनी से खरीदना है उसके बाद अपनी डिस्पेंसरी में उस औषधि को मरीज को देने के लिए तैयार करेगा। इस विषय पर विस्तृत चर्चा की जाएगी।

क्योंकि इलेक्ट्रो होम्योपैथी अभी एक स्वतंत्र चिकित्सा पद्धति है। जिसके चलते कई प्रांतों में दवा बनाने के तरीके अन्य प्रांतों के तरीकों से मेल नहीं खाते अतः उस क्षेत्र के प्रैक्टिशनर का दूसरे क्षेत्र के प्रैक्टिशनर के साथ में आपसी तालमेल फिट नहीं बैठता और यह समस्या तब तक रहेगी जब तक सभी के लिए एक निश्चित पैमाना नहीं बन जाता आज की पोस्ट में हम औषधि को खरीदने के बाद में डिस्पेंसरी में उसके डायलूसन Dilution किस प्रकार से तैयार किए जाएं इस पर ही बात करेंगे फर्स्ट स्टेप में जब हम किसी भी फार्मेसी से इलेक्ट्रो होम्योपैथी की मूल औषधि प्राप्त करते हैं।

तो वह हमें D3 के फॉर्म में प्राप्त होती है और इसके बाद से ही हम अपनी उस औषधि को डायलूट Dilute करके मरीज को देते हैं। जिनमें रोग की स्थिति के अनुसार हम उस औषधि को D4, D5, D6, D10, D30 आदि विभिन्न डायलूसन Dilution में तैयार करके देते है।
आइये समझते हैं इस प्रकार से डायलूसन Dilution बनाने की विधि को

1. क्रमवार डायलूट करके औषधि बनाना Electrohomeopathy Medicine Dilute step by step

पहली विधि इस प्रकार है मान लो अगर हमें रोगी की रोगानुसार 4 औषधियों का चयन करते हैं तो अब हमें उन चारों औषधियों को 1 सीसी में मिलाकर औषधि को तैयार करने की आवश्यकता होगी इस औषधि को अब हम किस प्रकार तैयार करेंगे यह समझते हैं।

सबसे पहले हम रोगी की रोग की स्थिति के अनुसार किसी एक डायलूसन Dilution का चयन करते हैं। तो पहली विधि में तरीका यह है कि हम अपनी डिस्पेंसरी में जिन डायलूसन Dilution की अधिक जरूरत होती है। उन डायलूसन को पहले से तैयार करके रखें।

उदाहरण के तौर पर हम किसी फार्मेसी से D3 खरीदने के बाद D4 की पावर में प्रत्येक औषधि को तोड़कर रख लेते हैं अब अगर किसी मरीज को हमको अगर D4 देने की आवश्यकता है तो हमें D4 बनाने में बहुत ही आसानी होगी और बहुत ही कम समय में हमारी मेडिसिन तैयार हो जाएगी उसके लिए हमें सिर्फ इतना करना होगा कि हमें प्रत्येक D4 की बोतल से एक सिंगल बोतल में प्रत्येक मेडिसिन की बराबर बराबर मात्रा डाल देनी होगी।
जैसे कि रोगी के रोग की स्थिति के अनुसार हमने S1 F1  L1 A3 के मिश्रण का चयन किया तो हमारी 4 सिंगल रिमेडी हो गई तो अब अगर हम मरीज को 30 मिली बोतल में यह फार्मूला बना कर देते हैं।
तो इन चार मेडिसिन को बराबर बराबर मात्रा में मतलब 30 से 4 का भाग देने पर जो परिणाम आता है उतने एम एल की मेडिसिन प्रत्येक से उस बोतल में मिलाकर तैयार कर लेंगे अतः इस कैलकुलेशन के हिसाब से हम प्रत्येक मेडिसिन की 7.50 मिली एक बोतल में मिलाकर 30ml की बोतल तैयार कर लेंगे और हल्का सा सेक करके मरीज को देने के लिए तैयार कर लेंगे।
इसी प्रकार से अगर तीन दवा का कॉमिनेशन बनाना है तो प्रत्येक D4 के बोतल से 10-10ml निकाल कर 30ml सीसी में मिलाकर तीन मेडिसिन का कंपाउंड पैक तैयार कर लेंगे

इसी प्रकार से 5 मेडिसिन के कॉमिनेशन के लिए D4 से प्रत्येक की 6-6ml मेडिसिन मिलाकर 30ml की बोतल में औषधि तैयार कर लेंगे।

इस प्रकार से औषधि तैयार करने के लिए हमें अपनी डिस्पेंसरी में पहले से ही D4, D5, D6, D8  में औषधि को डायलूट करके रखने की आवश्यकता होगी और यह तरीका सबसे अच्छा तरीका है। 

इसमें दवा में कैलकुलेशन में भी कोई कंफ्यूजन नहीं होता और दवा भी आसानी से और जल्दी तैयार हो जाती है इस तरह से D10 तक के डायलूसन अपनी डिस्पेंसरी में आसानी से तैयार करके रखे जा सकते हैं इसके बाद के डायलूसन भी तैयार किए जा आ जाने की आवश्यकता होगी लेकिन हमारी सलाह यही है कि इसके ऊपर के डायलूसन को किसी विश्वसनीय फार्मेसी से ही लिया जाए क्योंकि वह अपने काम में निपुण होते हैं और उनके पास सारे संसाधन उपलब्ध होने के कारण वह इस काम को बड़े ही सटीकता के साथ करते हैं और यह एक लंबा प्रोसेस भी होता है जिसमें अधिक समय की आवश्यकता होती है इसलिए बेहतर यही होगा कि इसके ऊपर के डायलूसन जैसे कि 30, 100, 200, 1000 आदि यह बाहर से ही खरीदें।
इस पोस्ट के माध्यम से बड़े ही सरलता से बताया गया है कि how to prepare electro homeopathic dilution अगर अभी कुछ समझ मे नही आया तो पोस्ट के नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में जाकर कमेंट अवश्य करें।


2. इलेक्ट्रो मेडिसिन को डायरेक्ट डायलूट करें Eelctro homeopathy medicines dilute by direct method

दूसरी दूसरी विधि- इलेक्ट्रो होम्योपैथी औषधि के डायलूसन बनाने की दूसरी विधि में D3 से आगे के डायलूसन बनाने की 30:20:10 की यह विधि काफी प्रचलित है इस विधि के अनुसार अगर हम किसी भी मेडिसिन का D4 या फर्स्ट डायलूसन बनाना चाहते हैं तो हम इसमें औषधि बनाने की प्रक्रिया स्टेप बाय स्टेप ना करते हुए डायरेक्ट  ही 30ml  की बोतल में दवा की निश्चित बूंद मिलाकर डायलूसन को तैयार करते हैं।

सर्वप्रथम D4 या फर्स्ट डायलूसन बनाने की विधि पर बात करते हैं फर्स्ट डायलूसन बनाने के लिए हम 30ml की सीसी में आवश्यकतानुसार हमें जिस भी मेडिसिन का डायलूसन तैयार करना है उस मेडिसिन की 30 बूंद को 30ml की खाली बोतल में डाल देते हैं और इसके बाद उस पूरी बोतल को डिस्टल वाटर या R.S मिक्स डिस्टल वाटर से भरकर पूरी बोतल को 30ml की मात्रा में तैयार कर लेते हैं। और बोतल को बंद करके अच्छी तरह हिला देते हैं। इस प्रकार से D3 से हमारा D4 का डायलूसन तैयार हो जाता है।
और अगर हम कई मेडिसिन को आपस में मिलाकर D4 का डायलूसन  बनाते हैं तो ठीक उसी प्रकार से हम सभी मेडिसिन का एक कॉमिनेशन 30 ड्रॉप में तैयार करके उसकी 30 ड्रॉप को 30ml की बोतल में पहले डालते हैं। उदाहरण के लिए अगर हमें S1, F1, P3  को आपस में मिलाकर D4 को तैयार करना है तो S1 की 10 ड्रॉप, F1 की 10 ड्रॉप और P3 की भी 10 ड्रॉप आपस में मिलाकर 30 ड्रॉप उस बोतल में डालकर ऊपर से डिस्टिल्ड वाटर या R.S मिक्स डिस्टिल्ड वाटर डाल कर 30 ml D4 तैयार कर लेते है।

D5 को इस प्रकार से डायरेक्ट बनाने के लिए मेडिसिन की 20-20 ड्रॉप का इस्तेमाल किया जाता है। 20 ड्रॉप मेडिसिन मिलाने के बाद खाली बोतल में डालने के बाद उसके ऊपर से डिस्टल वाटर डालकर 30ml की बोतल तैयार कर लेते हैं।

उदाहरण के तौर पर अगर हम कहें 4 औषधियों के कॉमिनेशन को D5 की डायलूसन में बनाना चाहते हैं तो  प्रत्येक मेडिसिन की 5-5 ड्रॉप डालते हैं जो कुल 20 ड्रॉप हो जाती हैं और इसके बाद उसके ऊपर से डिस्टिल्ड वाटर या R.S मिक्स डिस्टल वाटर डालकर 30ml की बोतल तैयार कर लेते हैं

ठीक इसी प्रकार से अगर हमारे डायलूशन में रोगी के रोग की अवस्थाअनुसार अगर हमें अधिक मेडिसिन का चयन करना पड़ता है तो कुल मेडिसिन की संख्या से 20 में भाग देने पर जो संख्या प्राप्त होती है। प्रत्येक औषधि की उतनी उतनी ड्रॉप को 30ml की खाली बोतल में डाल कर ऊपर से डिस्टल वाटर या R. S  मिक्स डिस्टल वाटर से 30ml की बोतल तैयार कर के अच्छी तरह से हिलाने के बाद प्रयोग में लेते हैं।

इलेक्ट्रो होम्योपैथी की औषधि D6 के डायलूसन को बनाने के लिए D3 औषधि से 10 ड्रॉप की मात्रा में औषधि लेकर उसमें डिस्टल वाटर मिलाकर 30ml की बोतल तैयार करते हैं।

उदाहरण के तौर पर अगर हमें 2 मेडिसिन के मिश्रण की औषधि बनानी है तो दोनों मेडिसिन की 5-5 ड्रॉप एक खाली सीसी मे डालते हैं और उसके ऊपर से 30ml डिस्टल वाटर डालकर बोतल को तैयार कर लेते हैं।

ठीक इसी प्रकार 4 औषधि के मिश्रण से D6 में तैयार करने के लिए औषधियों की संख्या में 10 का भाग देने पर जो संख्या प्राप्त होती है उतनी बूंदों का इस्तेमाल खाली सीसी में करते हैं। और उसके ऊपर से डिस्टल वाटर या R. S मिक्स डिस्टल वाटर से भर कर 30ml की बोतल तैयार करते हैं।


3. ग्लास मैथेड से डायलूट करना Medicine prepare by Glass method

तीसरी विधि ग्लास मेथड या 200 ml बोतल मेथड 
इस प्रकार का मेथड का उपयोग बहुत कम ही चिकित्सक करते हैं इस मेथड का इस्तेमाल अभी तक केवल भारत में ही किया जाता है हमारे बांग्लादेश, पाकिस्तान, जर्मनी के कुछ मित्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार उनके देशों में इस प्रकार की किसी भी विधि का इस्तेमाल नहीं किया जाता है हालांकि अध्ययन के दौरान उन्होंने मैटी मेथड के अंतर्गत ग्लास और चम्मच के माध्यम से दवा बनाने के बारे में पढ़ा है।

तो आइए अब हम जानते हैं कि इस विधि के द्वारा किस प्रकार से औषधि को रोगी को देने के लिए तैयार करते हैं। इस प्रकार से औषधि बनाने के लिए सबसे पहले हम क्रूड मेडिसिन से 1:9  के अनुपात में औषधि तैयार करते हैं जो की D1 कहलाता है। अब इस D1 से पुनः 1:9 के रेशियो में औषधि + डिस्टल वाटर या आर एस मिलाकर D2 तैयार करते हैं। 

इसके बाद इस प्राप्त औषधि से 1ml की मात्रा लेकर 9ml  वाटर या आर एस में मिलाकर D3 तैयार कर लेते हैं।

इसके बाद ठीक इसी प्रकार से D3 की औषधि से 1ml की मात्रा लेकर 9ml डिस्टल वाटर या आर एस मिलाकर D4 तैयार कर लेते हैं।
इसके बाद इस D4 औषधि की 20 नंबर की Globules गोलियां बनाते हैं। गोलियां (Globules) बनाने के लिए 1dram की सीसी में 20 नंबर की गोलियों को पूरी तरह से भर भर कर उसमें आर एस में बने हुए D4 के डायलूसन की 15 से 20 बूंद Globules गोलीयों में डालकर अच्छी तरह से हिला कर गोलियों में औषधि को मिक्स कर देते हैं इस प्रकार D4 के डायलूसन से D4 की गोलियां तैयार कर ली जाती है। इन गोलियों को या D4 के डायलूसन को ओरिजिनल डायलूसन कहते है।
अब रोगियों को औषधि देने के लिए इन गोलियों से डाइल्यूशन तैयार किए जाते हैं इस प्रकार से डायलूसन तैयार करने के लिए 180ml  वाटर में या बिसलेरी के वाटर में एक गोली मिलाकर उडिस्टलसे अच्छी तरह से हिला कर गोली को उस पानी में घोल देते हैं और यह औषधि का प्रथम गिलास या प्रथन डायलूसन तैयार हो जाता है।
अगले चरण में दूसरा ग्लास या दूसरा डायलूसन बनाने के लिए पहले डायलूसन की बोतल से 5ml औषधि को दूसरी बोतल में मिलाकर 175ml पानी भरकर अच्छी तरह से हिला कर औषधि और पानी को आपस में मिला देते हैं इस प्रकार से दूसरा डायलूसन या दूसरा ग्लास बनकर तैयार हो जाता है।

तीसरे डायलूसन या तीसरा ग्लास बनाने के लिए दूसरे डायलूसन की औषधि से 5ml की मात्रा लेकर 1 सीसी में डालते हैं और उसमें 175ml पानी मिलाकर अच्छे से मिक्स कर लेते हैं और हमें तीसरा डायलूशन प्राप्त हो जाता है 

ठीक इसी प्रकार से इसी क्रम में आगे को बढ़ते रहने पर क्रमशः चौथा पांचवा छठा सातवां आठवां नवा दसवां आदि डायलूसन बनाए जा सकते हैं।

पोस्ट लिखी जा रही है।
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Dr.Ashok Kumar Maurya
Written By
Dr. Yogendra Kumar Kushwaha
Electro Homeopathic Practitionar,  
Life-line health care & research center, Unnao

13 comments

  1. aboutthe dilutation Rhighly excullent explain..thnx
  2. Thanks a lot of pls tell abour crude spagyric and plants
  3. इसका दवा बहुत महंगा है भाई इससे तो अच्छा है आयुर्वेद की शरण ली जाय इलेक्ट्रो होमियोपैथी की दावा होमियोपैथी से भी महँगी है
    1. ऐसा नही है, EH की दवाई सबसे सस्ती व कारगर है। ज्यादा जानकारी के लिए आप 7889022542 पर सम्पर्क करें
    2. ऐसा नही है, आप 7889022542 पर सम्पर्क करें
    3. इलेक्ट्रो होम्योपैथी की दवाएं,या उपचार अन्य चिकत्सा पद्दति की अपेक्षा कम है,और करगर भी है। भारत के लगभग सभी राज्य में इलेक्ट्रो होमियोपैथी चिकित्सक उपलब्ध हैं।
  4. Very good
  5. MMP banane ka batao sir, jso ki medicine kaha milegi india me me
  6. I m Physiotherapist, naturopathic practitioner. Where i find this Medicine in kerla. Iwant to try this medicine. plz check your mailbox.Thanks
  7. Sir agar muje d5 banan hai drop method se aur usme 3 medicine dalni hai to drop kaise divide karenge?
    1. अगर आपको हमारी पोस्ट से संबंधित विधि नंबर 2 के हिसाब से डायरेक्ट मेथड में इलेक्ट्रो होम्योपैथी मेडिसिन की किन्हीं तीन मेडिसिन तो आपस में मिलाकर कंपोजीशन तैयार करना है तो उसके लिए आपको प्रत्येक मेडिसिन उदाहरण S1 + A3 + L1 मिश्रण तैयार करना है तो सबसे पहले प्रत्येक मेडिसिन की 7-7 बूंद आपस में मिलाएंगे जोकि कुल 21 बून्द दवा तैयार होगी इसके बाद उसमें से एक बूंद को निकाल देंगे और उसमें डिस्टल वाटर भरके 30ml तैयार कर लेंगे अगर अभी भी नहीं समझ में आया है तो कृपया पुनः कमेंट कर सकते है।
  8. Kya dilution or potency ka result same aata hai ya alag.
    Bina stroke lagaye dilution banaye to result nahi aayega.
    Electrohomeopathy dilution follow karti hai ya electrohomeopathy.
    1. पोटेंसी और डालूशन में फर्क होता है। डाइल्यूशन क्रॉनिक रोगों में काम कम करता है पोटेंसी अधिक काम करती है। डायलूशन और पोटेंसी यह सूक्ष्म मेडिसिन की प्रक्रिया है। यह किसी विशेष पैथी से संबंध नहीं रखती है। हमारी बुक का हिस्सा है इसलिए हम अभी इस पर अधिक विवरण नहीं दे सकते फिर भी इतना अवश्य कहते हैं डाइल्यूशन और पुटेंसी को इलेक्ट्रो होम्योपैथी में यूज किया जाता है यूज करते हैं और आगे भी होना चाहिए इसमें कोई बुराई नहीं है लेकिन जिस तरीके से आजकल लोग मदर टिंचर से औषधियां बनती हैं। पोटेंसी बनाने में वे औषधियां एग्रावेट कर जाती है ।
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