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Lassativo or Slass व Synthesis or  SY


जब मैं मेडिकल स्टूडेंट लाइफ में कॉलेज में पढ़ता था उस समय मुझे इलेक्ट्रो होम्योपैथी की  60 मेडिसिन बताई गई थी और 115 पौधे बताए गए थे। जिनसे औषधियां तैयार की जाती है।

जिसमें हैं 37 मूल औषधियां , 21 मूल औषधियों को मिलाकर थूडरक्रास द्वारा तैयार की गई औषधियां और Slass व Sy 2 औषधियां कुल 60 औषधियां थी।

शोध काल में मुझे Count Mattei,s System of Vegetable Medicine नामक बुक मिली उसमे Slass के जो घटक लिखे थे । उसे देख कर मेरा माथा खटक गया । मैंने विषय में खोजबीन कर ही रहा था कि  विदेश से छपने वाली एक ऑफिशियल मैगजीन "मॉडर्न मेडिसिन" का कुछ लिटरेचर हाथ लगा ।
उस लिटरेचर के अनुसार Modern Medicine पत्रिका जो जनवरी 1917 में छपी थी उसके पेज नंबर 297 पर Slass में जो घटक पड़ते हैं । उनकी सूची दी हुई थी। वह सूची निम्न प्रकार से हैं:---

(1) Euonymus atropurpures

(2) Hura crepitans 

(3) Mercurials annual

(4) Momordiea elaterum

(5) Ordinance Major

(6) Podophyllum peltatum

(7) Polygonatum bikhare

(8) Rosa centifolia

इन पौधों के नाम हमने ठीक उसी तरीके से लिखा है जिस तरीके से उन पन्नों में लिखा था। यदि वहां गलती हुई है तो यहां भी गलती हुई होगी   यही पौधे जिस बुक का ऊपर वर्णन किया है उसमे भी लिखे हैं। क्योंकि वह बुक भी मॉडर्न मेडिसिन के आधार पर ही लिखी गई है।

जर्मन से जो बुक प्रकाशित हुई है उसमें आज भी Slass नामक दवा सूची में नहीं है लेकिन भारत में पढ़ाई जा रही है । तो सवाल यह उठता है कि इस दबाव को किसने तैयार किया है । तारीफ की बात तो यह है कि  में पत्रिका मॉडर्न मेडिसिन  में जो घटक दिए हैं वह भारत में पढ़ाए जा रहे वह Slass नामक मेडिसिन  में नहीं है ।

आज जो Slass पढ़ाया जाता है उसे Scrofoloso Lassativo or Slass कहा जाता है इसमें केवल दो इनग्रेडिएंट होते हैं:----

(1) Gentiana lutia

(2) Aloe capensis

उपरोक्त घटक डा नंदलाल सिन्हा की बुक में लिखा है और उन्हीं की बुक की नकल कर लगभग 80%  पहले लिखी गई है। इसलिए यही घटक सभी पुस्तकों में उपलब्ध है। इस प्रकार इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि डॉक्टर नंदलाल सिन्हा ने हीं इस मेडिसिन  का इजाद किया हो।

अब हम बात करते हैं SY की यह मेडिसिन भी जर्मन से प्रकाशित बुक की औषधि लिस्ट मे नहीं है और आज भी है। डॉक्टर नंदलाल सिन्हा ने SY की जो करैक्टर लिखे हैं उससे साबित होता है कि उसमें है आवश्यक सारी दवाएं ( S1 + A3 +  L1 + C1 + P1 + Ver1 मिली हैं)  

इस विषय में मेरा(डॉ. अशोक कुमार मौर्य) निजी विचार है कि डॉ नंदलाल सिन्हा जब मरीज देखने जाते होंगे तो इस SY की शीशी को साथ ले जाते होंगे जैसे आजकल लोग स्टेथो साथ लेकर जाते हैं । पेशियन्ट को देखकर तुरंत SY की कुछ बूदें रोगी के मुंह में डाल देते होंगे और फिर उसके घरवालों को क्लीनिक पर दवा लेने के लिए बुला लेते होंगे । अगर हम संक्षेप में कहें तो यह उनकी इमरजेंसी दवा होगी होगी । 

अभी हम कुछ दिन पहले एक बुक देख रहे थे उसमें इसी आधार पर एक डॉक्टर साहब ने इलेक्ट्रो होम्योपैथिक कम्पोनेंट को मिलाकर केवल 7 दवाइयां तैयार की है। इन्हीं सात दवाइयों से वे इलाज करने का दावा करते हैं।

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