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आदर्श औषधि निर्माणशाला


औषधि निर्माण का कार्य अत्यंत शुद्ध व स्वच्छ वातावरण में होना चाहिए । गंदे वातावरण का प्रभाव औषधि के औषधीय गुणों पर पड़ता है । औषधि जगत में होम्योपैथिक औषधियां अत्यंत सूक्ष्म मानी जाती है लेकिन इलेक्ट्रो होम्योपैथिक औषधियां इनसे भी सूक्ष्म और सेंसिटिव होती हैं।  इसलिए औषधि निर्माण शाला स्थापित करते समय निम्नलिखित बातों को ध्यान में रखनी चाहिए:----

Credit: pixabay

(1) स्थान का चुनाव
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(क) औषधि निर्माण शाला का स्थान ऊंचा और सीलन की पहुंच से बाहर होना चाहिए ।

 (ख) औषधि निर्माण शाला की भूमि  समतल और उचित जल निकास की व्यवस्था होनी चाहिए ।

(ग) औषधि निर्माण साला आबादी की गंदगी से दूर होना चाहिए । 

(घ) औषधि निर्माण साला के आसपास कोई ऐसा स्थान नहीं होना चाहिए जिससे भयंकर खुशबू या बदबू आती हो।
 
(ड) औषधि निर्माण शाला ईंट भट्ठा आदि धूल धुंआ वाले स्थानों के पास नहीं होना चाहिए।

(च) औषधि निर्माण शाला के बहुत पास ऐसे नदी नाला नहीं होने चाहिए जिससे निर्माण शाला का वातावरण दूषित हो।
 
(छ) औषध निर्माण शाला ऐसे स्थान पर स्थापित करना चाहिए जहां से माल भेजेने और माल मंगाने में सुविधा बनी रहे , ट्रांसपोर्ट तथा यातायात के उचित साधन हो ।

(2) औषधि निर्माण शाला का भवन
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(क) भवन की दीवारें साफ सुथरी होनी चाहिए खिड़की दरवाजे पर जाली होनी चाहिए जिससे कीट तथा मक्खियां अंदर न आ सके ।

(ख) कमरों में वेंटीलेशन की उचित व्यवस्था होनी चाहिए । 

(ग) आग से बचाव के लिए समुचित व्यवस्था होनी चाहिए ।

(घ) औषधि निर्माण शाला में एक औषधि उद्यान तथा संबंधित पुस्तकालय  होना चाहिए।

(3) औषधि निर्माण शाला की सामान्य व्यवस्था
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(क) औषध निर्माण शाला में मशीनों को संचालित करने के लिए शक्ति की अल्टरनेट व्यवस्था होनी चाहिए ।

(ख) मशीनों पर कार्य करने वाले व्यक्तियों को शारीरिक चोट न लगने पाए, इसके लिए खतरनाक मशीनों पर जाली व खतरा का सूचना बोर्ड होना चाहिए तथा लेबर को सुरक्षात्मक किट प्रदान करनी चाहिए ।

(ग) महत्वपूर्ण पदों पर कार्य करने वाले लोगों को जैसे फार्मासिस्ट, चिकित्सक, मशीन संचालक आदि को जल्दी-जल्दी नहीं बदलना चाहिए नहीं तो कार्य प्रभावित होगा।

(घ) औषधि निर्माण शाला में एक कुशल फार्माकोगोसिस्ट होना चाहिए जो मूल औषधियो की अच्छी जानकारी रखता हो ।

(ड) औषध निर्माण शाला में एक बिक्री विभाग होना चाहिए जिससे औषधियों का बिक्रय आसानी से किया जा सके।

(च) तैयार औषधियो के प्रचार प्रसार तथा विज्ञापन के लिए औषधि निर्माण शाला में एक अलग विभाग होना चाहिए ।

(छ) औषधि निर्माण शाला में वे सभी कागजात पूर्ण होने चाहिए जो औषधि निर्माण साला से संबंधित हो। जिनमें विभिन्न प्रकार के कागजात औषधि बनाने का लाइसेंस , अल्कोहल का लाइसेंस , आदि होना आवश्यक है।

(ज) एक लेखा विभाग होना चाहिए जिसमें आय और व्यय का समस्त ब्यौरा व्यवस्थित ढंग से होना चाहिए।

नोट:---

(1) इलेक्ट्रो होम्योपैथी को अभी कहीं मान्यता नहीं मिली है फिर भी आय और व्यय विवरण नियमानुसार रखना आवश्यक है।

(2) जो दवाई अल्कोहल में तैयार की जाती हैं कानूनी तौर पर उनका लाइसेंस होना आवश्यक है ।

 (3) जो लेबर निर्माण साला में काम करते हैं उनका पंजीकरण, उनकी आईडी, रखना आवश्यक है।

(4) नाबालिक लेबरों को औषधि निर्माण शाला में काम पर रखना कानूनी जुर्म है ।

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