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गुलाब जल के औषधीय गुण

       गुलाब जल के विषय में प्रत्येक भारतीय जानता होगा यह आयुर्वेद की एक उत्कृष्ट की औषधि है यह भभका विधि द्वारा आयुर्वेद में तैयार किया जाता है। इस जल को मुख्य तौर से मुस्लिम शासन काल में उपयोग किया जाता था लेकिन आज भी इसकी उपयोगिता कम नहीं हुई । ( वैसे तो  इलेक्ट्रो होम्योपैथी के विषय में यहाँ लिखते हैं लेकिन आज  हम आयुर्वेद से संबंधित पोस्ट लिख रहे हैं इसका कुछ विशेष कारण है)  हम गुलाब जल के कुछ औषधीय गुण लिख रहे हैं जो औषधि जगत में अमृततुल्य हैं ।

(1) गुलाब जल विटामिन सी से भरपूर होता है इसलिए यह जख्मों को आसानी से भरता है।

(2) गुलाब जल दांतों में पायरिया होने पर इस से कुल्ली करने से मुंह की तरह बदबू से छुटकारा दिलाता है तथा पायरिया में लाभकारी है। इसी तरह जो मुंह में छाले होते हैं उनमे भी यह  लाभ पहुंचाता है

(3) सिर दर्द में  कपड़े को गुलाब जल में भिगोकर सिर पर रखने से आराम मिलता है।

(4) स्मॉल पॉक्स में गुलाब जल 5 - 5 ml दिन में दो तान दो तीन बार पीने से राहत मिलती है

(5) गुलाब जल में एंटीसेप्टिक गुण पाया जाता है इसलिए यह आंख में डाला जाता है। जिससे आंख की लाली समाप्त होती है और आंख के छोटे-मोटे इन्फेक्शन भी समाप्त हो जाते हैं।

(6) गुलाब जल पीने से मन में पैदा कर तनाव समाप्त होते हैं और अच्छी नींद आती है।

(7) गुलाब जल को नहाने के पानी में डालकर नहाने से थकान दूर होती है। मुगल काल में गुलाब की पंखुड़ियां हमाम हौज में डालकर लोग नहाते थे।

(8) गुलाब जल पाचन तंत्र के लिए लाभकारी है। इसके सेवन से कब्ज की समस्या समाप्त होती है। इसके प्रयोग करने से कब्ज से होने वाले रोग जैसे बवासीर आदि नहीं होते हैं या उन रोगों में राहत मिलती है।

(9) गुलाब जल डिसमेंनिया और अल्जाइमर से छुटकारा दिलाता है।

(10) गुलाब जल त्वचा रोग जैसे एग्जिमा डर्मेटाइटिस त्वचा पर लाल चकत्ते खुजली आदि में वाह्य  और आंतरिक प्रयोग से लाभ पहुंचाता है।

(11) जहरीले कीड़ों के काटने या डंक मारने पर गुलाब जल लगाने से तुरंत राहत मिलती है।

(12) हृदय रोगों में गुलाब जल लाभकारी है।

(13) मौसमी बीमारियों से बचने के लिए गुलाब जल का प्रतिदिन प्रयोग करना चाहिए।

(14) सर्दी जुकाम और गले की खराब है गुलाब जल फायदा करता है । सर्दी जुकाम में गुलाब की पंखुड़ियों को उबालकर काढे़ की तरह पिया जाता है।

(15) गुलाब जल आमाशय में बनने वाली गैस सें छुटकारा दिलाती है।

(16) जिन महिलाओं को अधिक रक्तस्राव (अतिरज:) की समस्या है उन्हें 5 मेल गुलाब जल दिन में दो बार सेवन करने से इस समस्या से छुटकारा मिलता है।

नोट:--

(1) गुलाब की बहुत सी प्रजातियां पाई जाती हैं गुलाब जल बनाने के लिए एक विशेष प्रजाति की फूलों का प्रयोग किया जाता है उसी में ही गुण पाए जाते हैं।

(2) यह औषधीय गुण गुलाब जल की मात्रा , सेवन विधि और गुलाब जल की गुणवत्ता पर निर्भर करते हैं।

(3) आंख में डालने के लिए उच्च कोटि की गुणवत्ता वाले गुलाब जल का प्रयोग करना चाहिए वर्ना आंखों  नुकसान भी हो सकता है

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