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इलेक्ट्रो होम्योपैथी और होम्योपैथी


1. महात्मा काउंट सीजर मैटी जी ने इलेक्ट्रो होम्योपैथी को स्थापित किया, तो वही  डॉ सैमुअल हैनीमैन ने होम्योपैथी की रचना की।


2. इलेक्ट्रो होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति का मूल आधार रस और रक्त है  जबकि होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति का मूल आधार सोरा  सिफलिस और साइकोसिस है

3. इलेक्ट्रो होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति में किसी भी समस्या का समाधान उसके शरीर के अवयव की क्रियाओं के धनात्मक या ऋणात्मक देखकर किया जाता है। इसके अनुसार रस व रक्त के दूषित होने के कारण ही किसी रोग की उत्पत्ति होती है। तो वही होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति में किसी भी समस्या का समाधान लक्षणों के आधार पर किया जाता है

4. इलेक्ट्रो होम्योपैथी औषधियां एक निश्चित अनुपात में बनाया गया यौगिक है जबकि होम्योपैथी की औषधियां सैद्धांतिक रूप से अकेली किंतु व्यावहारिक रूप से यौगिक है।


5. इलेक्ट्रो होम्योपैथी औषधियों के वनस्पति वर्ग को इस्तेमाल में लिया जाता है जबकि होम्योपैथिक में वनस्पतियों के अतिरिक्त पशुओं और खनिज आदि विभिन्न वर्गों से भी औषधियां तैयार की जाती है


6. इलेक्ट्रो  होम्योपैथिक औषधियां बनाने वाले पौधों की संख्या निश्चित है जोकि 114 है। इन 114 पौधों से मात्र 38 दवाओं का निर्माण किया जाता है।  जो कि दुनिया के किसी भी रोग को ठीक करने में सक्षम है , जबकि होम्योपैथी में दिन पर दिन नए नए पौधों को शामिल किया जा रहा है जिनकी संख्या हजारों में पहुंच चुकी है।

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